दोस्तों, मैं पिछले महीने माथेरान गया था और मैंने एक अजीब सा फैसला लिया। मैंने सोचा कि क्यों न Neral to Matheran के तीनों रास्ते खुद आजमाकर देखूँ और फिर आपको बताऊँ कि कौन सा सबसे बढ़िया है। पहले दिन छोटी रेलगाड़ी ली, दूसरे दिन पैदल चलकर गया, और तीसरे दिन सड़क वाले रास्ते से गया। तीनों अनुभव बिल्कुल अलग-अलग रहे। एक रास्ता इतना अच्छा था कि मन किया दोबारा चलूं, और एक इतना थकाने वाला कि मैंने बीच में ही पछतावा शुरू कर दिया। अगर आप माथेरान जाने की योजना बना रहे हैं तो मेरा ये अनुभव पूरा पढ़िए। इसमें मैंने तीनों रास्तों का समय, खर्चा, भीड़ और असली हालत सब कुछ बताया है। ये वो जानकारी है जो मुझे जाने से पहले किसी ने नहीं दी थी।
- Quick Overview Table
- Neral Matheran 3 Routes Try
- Matheran Route Test Neral
- Neral To Matheran Honest तीनों Routes
- Route Compare Neral Matheran
- Matheran Best Route Neral से जाने का सही तरीका यहाँ
- Neral Matheran Route One पहला रास्ता कैसा था सच में
- Matheran Toy Train Try:: क्या Toy Train Worth It?
- Neral Trek Route Two दूसरा रास्ता Trek वाला कैसा था
- Matheran Road Route Three
- Route Time Compare
- Neral Matheran Cost तीनों Routes
- Matheran Crowd Route
- Neral Best Season कौन से Month
- Matheran Route Mistake
- अच्छी बातें और कमियां
- निष्कर्ष
Quick Overview Table
| जानकारी | छोटी रेलगाड़ी | पैदल रास्ता | सड़क मार्ग |
|---|---|---|---|
| दूरी | लगभग 20 किलोमीटर | लगभग 8 किलोमीटर | लगभग 11 किलोमीटर |
| समय | 2 से 2.5 घंटे | 3 से 4 घंटे | 45 मिनट से 1 घंटा |
| खर्चा प्रति व्यक्ति | ₹75 से ₹300 | लगभग शून्य | ₹600 से ₹1,200 |
| भीड़ का स्तर | बहुत ज्यादा | बहुत कम | मध्यम |
| बच्चों के लिए | अच्छा | कठिन | ठीक-ठाक |
| बुजुर्गों के लिए | सबसे अच्छा | उचित नहीं | ठीक-ठाक |
| मेरी रेटिंग | सबसे बढ़िया | रोमांचक लेकिन थकाऊ | आरामदायक |
Neral Matheran 3 Routes Try
दोस्तों, मैं मुंबई से सुबह 6 बजे निकला था और नेरल तक पहुंचने में लगभग 2 घंटे लगे। Neral Matheran पहुंचकर सबसे पहले मैंने तीनों रास्तों की जानकारी इकट्ठी की। स्थानीय लोगों से बात की, टिकट खिड़की पर पूछताछ की, और फिर तय किया कि तीनों को एक-एक करके आजमाऊंगा। तीन दिन की यात्रा में मैंने जो अनुभव किया वो मैं यहां बिना कुछ छुपाए बता रहा हूं।
Matheran Route Test Neral

सीधी बात बताता हूँ, दोस्तों। Matheran Route Test करने के बाद मेरा निष्कर्ष है कि छोटी रेलगाड़ी सबसे अच्छा रास्ता है। लेकिन ये जवाब इतना आसान नहीं है क्योंकि हर रास्ते के अपने फायदे और नुकसान हैं। अगर आप पहली बार जा रहे हैं तो छोटी रेलगाड़ी लीजिए। अगर रोमांच पसंद है तो पैदल चलिए। और अगर समय कम है तो सड़क मार्ग चुनिए। लेकिन तीनों में सबसे यादगार अनुभव छोटी रेलगाड़ी का ही रहा।
Neral To Matheran Honest तीनों Routes
भाइयो, मैं Neral To Matheran के बारे में जो भी लिख रहा हूं वो मेरा खुद का अनुभव है। इंटरनेट पर बहुत सारी जगहों पर लिखा है कि पैदल रास्ता बहुत आसान है और 2 घंटे में पहुंच जाओगे। लेकिन सच ये है कि अप्रैल की गर्मी में 3.5 घंटे से कम में पहुंचना बहुत मुश्किल है। छोटी रेलगाड़ी के बारे में भी लिखा है कि टिकट आसानी से मिल जाती है, लेकिन छुट्टी के दिन लंबी कतार लगती है। ये सब बातें मैंने खुद सहकर जानी हैं, इसलिए आप मेरी बात पर भरोसा कर सकते हैं।
Route Compare Neral Matheran
| तुलना का आधार | छोटी रेलगाड़ी | पैदल | सड़क मार्ग |
|---|---|---|---|
| अनुभव | बेहतरीन | अच्छा लेकिन थकाऊ | सामान्य |
| प्रकृति का नजारा | शानदार | बहुत शानदार | ठीक-ठाक |
| शारीरिक मेहनत | कोई नहीं | बहुत ज्यादा | कोई नहीं |
| सामान ले जाना | आसान | बहुत कठिन | आसान |
| बारिश में सुरक्षा | अच्छी | जोखिम भरा | फिसलन वाला |
| कुल मिलाकर | सबसे बेहतर | दूसरे नंबर पर | तीसरे नंबर पर |
दोस्तों, Route Compare Neral Matheran करने के बाद मुझे एक बात साफ हो गई। छोटी रेलगाड़ी इसलिए सबसे अच्छी है क्योंकि इसमें आपको बिना किसी थकान के पूरा पहाड़ी नजारा मिलता है। खिड़की से बाहर घने जंगल, गहरी खाइयां, और ऊंचे पहाड़ दिखते हैं जो दूसरे किसी रास्ते से इतने अच्छे नहीं दिखते।
Matheran Best Route Neral से जाने का सही तरीका यहाँ
मेरे अनुभव में Matheran Best Route छोटी रेलगाड़ी ही है। लेकिन एक बात ध्यान रखिए कि सुबह की पहली गाड़ी पकड़ने की कोशिश कीजिए। मैंने सुबह 8 बजे वाली गाड़ी ली थी और भीड़ बहुत कम थी। दोपहर वाली गाड़ी में लोग खड़े-खड़े जा रहे थे, जो बिल्कुल अच्छा अनुभव नहीं रहा होगा। सुबह की गाड़ी में खिड़की वाली सीट मिल गई और पूरे रास्ते का मज़ा दोगुना हो गया।
Neral Matheran Route One पहला रास्ता कैसा था सच में
पहले दिन मैंने छोटी रेलगाड़ी का रास्ता चुना। Neral Matheran Route One यानी छोटी रेलगाड़ी का अनुभव किसी सपने जैसा था। गाड़ी नेरल से धीरे-धीरे चढ़ाई चढ़ती है और घने जंगलों के बीच से गुजरती है। रास्ते में कई सुरंगें आती हैं जहां अंधेरा छा जाता है और फिर अचानक रोशनी में पहाड़ का नजारा दिखता है। पूरे सफर में हवा ठंडी और ताजी रहती है। बच्चे बहुत खुश हो रहे थे और बड़े लोग भी बचपन की यादों में खो गए थे। दोस्तों, ये 2 घंटे का सफर इतना अच्छा था कि मन किया काश और लंबा होता।
Matheran Toy Train Try:: क्या Toy Train Worth It?
बहुत लोग पूछते हैं कि Matheran Toy Train लेने का कोई फायदा है या सिर्फ नाम का आकर्षण है। मेरा जवाब है कि ये सौ प्रतिशत लेने लायक है। 2026 में छोटी रेलगाड़ी की टिकट सामान्य श्रेणी में ₹75 और प्रथम श्रेणी में लगभग ₹300 है। ₹300 में आपको जो 2 घंटे का अनुभव मिलता है वो किसी भी मनोरंजन की सवारी से बेहतर है। गाड़ी की गति बहुत धीमी है इसलिए आप आराम से तस्वीरें ले सकते हैं और बाहर के नज़ारों का पूरा मजा उठा सकते हैं। हां, एक बात याद रखिए कि छुट्टी के दिन टिकट पहले से लेना बेहतर रहता है।
Neral Trek Route Two दूसरा रास्ता Trek वाला कैसा था
दूसरे दिन मैंने Neral Trek Route चुना यानी पैदल चलकर माथेरान जाना। नेरल स्टेशन से निकलकर जब चढ़ाई शुरू हुई तो पहले 2 किलोमीटर आसान लगे। लेकिन उसके बाद रास्ता खड़ी चढ़ाई वाला हो जाता है और अप्रैल की धूप में पसीना बहुत आता है। मैंने 2 लीटर पानी साथ रखा था लेकिन वो भी बीच रास्ते में खत्म हो गया। कुल मिलाकर 3 घंटे 40 मिनट लगे मुझे ऊपर पहुंचने में। रास्ते में प्रकृति का नजारा बहुत शानदार था, बंदर भी मिले, और जंगल की खुशबू भी आती रही। लेकिन थकान इतनी थी कि ऊपर पहुंचकर पहले घंटे कुछ घूमने का मन ही नहीं किया।
Matheran Road Route Three
तीसरे दिन मैंने Matheran Road Route आजमाया। असल में माथेरान में निजी गाड़ियां अंदर नहीं जा सकतीं। दसतूरी नाके तक ही गाड़ी जाती है और वहां से आगे पैदल या घोड़े से जाना होता है। मैंने नेरल से दसतूरी नाके तक साझा गाड़ी ली, जिसमें लगभग 45 मिनट लगे। वहां से माथेरान बाजार तक पैदल 20 मिनट और लगे। रास्ता ठीक-ठाक था लेकिन कोई खास अनुभव नहीं मिला। न तो छोटी रेलगाड़ी जैसा रोमांच था और न पैदल चलने जैसा साहसिक अनुभव। बस एक साधारण यातायात की तरह पहुंच गया।
Route Time Compare
दोस्तों, Route Time Compare करने पर जो नतीजा निकला, वो बहुत दिलचस्प है। सड़क मार्ग से सबसे कम समय लगा, लेकिन अनुभव सबसे फीका रहा। पैदल रास्ते में सबसे ज्यादा समय लगा, लेकिन प्रकृति का नजारा सबसे अच्छा मिला। और छोटी रेलगाड़ी ने समय और अनुभव दोनों का बढ़िया संतुलन दिया।
| रास्ता | नेरल से चलने का समय | पहुंचने का कुल समय | इंतजार का समय |
|---|---|---|---|
| छोटी रेलगाड़ी | सुबह 8 बजे | सुबह 10 बजे | 30 मिनट कतार |
| पैदल | सुबह 7 बजे | सुबह 10 बजकर 40 मिनट | कोई नहीं |
| सड़क मार्ग | सुबह 9 बजे | सुबह 10 बजकर 5 मिनट | 15 मिनट गाड़ी का इंतजार |
Neral Matheran Cost तीनों Routes
भाइयो, अब बात करते हैं जेब की। Neral Matheran Cost की बात करूं तो पैदल रास्ता सबसे सस्ता है क्योंकि इसमें कोई टिकट नहीं लगती। सिर्फ ₹50 का प्रवेश शुल्क देना होता है जो हर रास्ते पर लगता है। छोटी रेलगाड़ी में प्रथम श्रेणी की टिकट ₹300 थी और ₹50 प्रवेश शुल्क अलग से था। कुल ₹350 प्रति व्यक्ति। सड़क मार्ग से साझा गाड़ी में ₹80 लगे और दस्तूरी नाके पर ₹50 प्रवेश शुल्क। कुल ₹130 प्रति व्यक्ति। लेकिन अगर आप निजी गाड़ी लेते हैं तो ₹600 से ₹1,200 तक खर्चा आ सकता है। दोस्तों, अनुभव के हिसाब से ₹300 की छोटी रेलगाड़ी की टिकट सबसे ज्यादा पैसा वसूल है।
Matheran Crowd Route
ये बात बहुत काम की है दोस्तों। Matheran Crowd Route की बात करूं तो पैदल रास्ते पर सबसे कम लोग मिले। पूरे 8 किलोमीटर में मुझे शायद 15 से 20 लोग ही दिखे। छोटी रेलगाड़ी में भीड़ मध्यम थी क्योंकि मैंने सुबह की पहली गाड़ी ली थी। लेकिन दोपहर की गाड़ी में बहुत भीड़ होती है ये मैंने वापसी में देखा। सड़क मार्ग पर भी मध्यम भीड़ थी क्योंकि साझा गाड़ियां लगातार चलती रहती हैं। अगर आप भीड़ से दूर रहना चाहते हैं तो पैदल रास्ता सबसे अच्छा है, लेकिन शरीर तैयार रखिए।
Neral Best Season कौन से Month
दोस्तों, Neral Best Season की बात करूं तो अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे बढ़िया है। इन महीनों में न तो गर्मी होती है और न ही बारिश। मैं अप्रैल में गया था और गर्मी ने पैदल वाले रास्ते पर मेरी हालत खराब कर दी। बारिश के मौसम यानी जुलाई से सितंबर में माथेरान बहुत खूबसूरत दिखता है लेकिन छोटी रेलगाड़ी बंद रहती है और पैदल रास्ता फिसलन भरा हो जाता है। मार्च से मई में गर्मी ज्यादा रहती है, तो ज्यादा पानी साथ रखिए। नवंबर और दिसंबर मेरे हिसाब से सबसे सही महीने हैं जब मौसम ठंडा रहता है और सभी रास्ते खुले रहते हैं।
Matheran Route Mistake
भाइयो, अब वो बातें जो मैंने गलत कीं और आपको नहीं करनी चाहिए। Matheran Route Mistake नंबर एक ये थी कि मैंने पैदल वाला रास्ता दोपहर में शुरू किया। गर्मी इतनी थी कि सिरदर्द होने लगा। अगर पैदल जाना है तो सुबह 6 बजे से पहले निकलें। दूसरी गलती ये कि मैंने सिर्फ एक पानी की बोतल रखी। कम से कम 3 लीटर पानी रखिए। तीसरी गलती ये कि मैंने छोटी रेलगाड़ी की टिकट पहले से नहीं ली और कतार में 30 मिनट बर्बाद हुए। चौथी गलती ये कि मैंने चप्पल पहनकर पैदल वाला रास्ता शुरू कर दिया। दोस्तों, अच्छे जूते पहनना बहुत जरूरी है वरना पैर में छाले पड़ जाते हैं। और पांचवीं गलती ये कि बारिश का कोट साथ नहीं रखा। पहाड़ पर मौसम कभी भी बदल जाता है।
अच्छी बातें और कमियां
अच्छी बातें
- छोटी रेलगाड़ी का अनुभव बहुत यादगार और आरामदायक है
- पैदल रास्ते पर प्रकृति का असली नजारा मिलता है
- माथेरान में गाड़ियां नहीं चलतीं इसलिए हवा बहुत साफ है
- मुंबई और पुणे दोनों से बहुत नजदीक है
- बच्चों और बड़ों दोनों के लिए अच्छी जगह है
- बजट में पूरी यात्रा हो जाती है
कमियां
- छुट्टी के दिन छोटी रेलगाड़ी में बहुत भीड़ रहती है
- बारिश के मौसम में छोटी रेलगाड़ी बंद रहती है
- पैदल रास्ता गर्मी में बहुत थकाने वाला है
- सड़क मार्ग से सिर्फ दसतूरी नाके तक जा सकते हैं
- माथेरान में रुकने के लिए अच्छे कमरे महंगे हैं
क्या बारिश के मौसम में छोटी रेलगाड़ी चलती है
नहीं, जून से अक्टूबर के बीच सुरक्षा कारणों से छोटी रेलगाड़ी बंद रहती है। इस दौरान सिर्फ पैदल या सड़क मार्ग से जा सकते हैं लेकिन दोनों में फिसलन रहती है।पैदल रास्ते में पानी और खाने की दुकान मिलती है
बीच रास्ते में एक या दो छोटी दुकानें मिल सकती हैं लेकिन भरोसा मत रखिए। अपना पानी और नाश्ता जरूर साथ लेकर चलिए।छोटी रेलगाड़ी की टिकट पहले से कैसे लें
नेरल स्टेशन की खिड़की से सुबह जल्दी पहुंचकर ले सकते हैं। कुछ टिकट भारतीय रेल की वेबसाइट पर भी उपलब्ध रहती हैं।छोटे बच्चों के साथ कौन सा रास्ता सबसे सही है
छोटे बच्चों के लिए छोटी रेलगाड़ी सबसे सुरक्षित और मजेदार है। पैदल रास्ता बच्चों के लिए बिल्कुल उचित नहीं है।दसतूरी नाके से माथेरान बाजार तक कैसे जाएं
दसतूरी नाके से आगे पैदल चलना होता है जो लगभग 2 किलोमीटर है। घोड़े पर भी जा सकते हैं जिसका किराया लगभग ₹500 से ₹800 तक होता है।निष्कर्ष
दोस्तों, Neral to Matheran के तीनों रास्ते आजमाने के बाद मेरा साफ अनुभव ये है कि छोटी रेलगाड़ी सबसे बेहतर विकल्प है। इसमें आराम भी है, नजारा भी है, और थकान भी नहीं होती। पैदल रास्ता सिर्फ उन लोगों के लिए है जो शारीरिक रूप से तैयार हैं और रोमांच पसंद करते हैं। सड़क मार्ग सिर्फ तब चुनिए जब समय बिल्कुल कम हो। मेरी सलाह है कि सुबह जल्दी निकलिए, पहले से टिकट लीजिए, पर्याप्त पानी और खाना साथ रखिए, और अच्छे जूते पहनिए। बस इतना करेंगे तो माथेरान की यात्रा आपकी सबसे यादगार यात्राओं में से एक बन जाएगी। मैं जल्दी ही बारिश के मौसम में दोबारा जाने वाला हूं, इस बार सिर्फ पैदल वाले रास्ते से!

मैं भारत के अलग-अलग पर्यटन स्थलों से जुड़ी जानकारी को व्यावहारिक नज़रिए से साझा करता हूँ। यहाँ घूमने की सही तैयारी, यात्रा का उपयुक्त समय, स्थानीय माहौल और जरूरी बातों को सरल भाषा में बताया जाता है, ताकि पाठक अपनी यात्रा की योजना आत्मविश्वास के साथ बना सकें।




